आइए जानते हैं Facebook instagram और twitter में क्यों छाए हैं संकट के बादल

आज हम बात करने वाले हैं तेजी से वायरल हो रही खबर जिसमें यह बताया जा रहा है कि फेसबुक इंस्टाग्राम और ट्विटर को ब्लॉक किया जा रहा है तो चलिए जानते हैं इंडियन गवर्नमेंट ने एक डिजिटल एथिक कोड (digital ethics code ) के बारे में इन सभी कंपनियों को बताया था कि आपको […]

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आज हम बात करने वाले हैं तेजी से वायरल हो रही खबर जिसमें यह बताया जा रहा है कि फेसबुक इंस्टाग्राम और ट्विटर को ब्लॉक किया जा रहा है तो चलिए जानते हैं इंडियन गवर्नमेंट ने एक डिजिटल एथिक कोड (digital ethics code ) के बारे में इन सभी कंपनियों को बताया था कि आपको इस कोड को 3 महीने के अंदर लागू करना होगा




"ethics code " kya hota hai ?

सभी कंपनी व संस्थान की अपनी अपनी नियम व शर्तें होती हैं चाहे वह संस्था छोटी हो या बड़ी
अगर हिंदी में बात करें तो इसे आचार संहिता भी कहते हैं "ethics code " का मतलब होता है सही और गलत की परख करना और बताई गई नीतियों का पालन करना

जिसके लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने इन सभी कंपनियों को 3 महीने पहले ही यह बताया था कि आपको यह digital "ethics code " को लागू करना होगा

digital "ethics code ko kyu lagu kiya jaa raha hai




सबके मन में यह सवाल है की digital "ethics code को आखिर भारत सरकार क्यों लागू कर रही है तो इसका जवाब यह है की भारत में लगातार लोग सोशल मीडिया में कॉन्टेंट पोस्ट करते हैं जिनमें से कुछ कॉन्टेंट सही होते हैं और कुछ गलत होते हैं आपने अक्सर देखा होगा कि सोशल मीडिया का काफी ज्यादा दुरुपयोग हो रहा है इसलिए इन सभी को रोकने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है जिससे सभी कंपनियों को यह कोड लागू करने होंगे

Let's know why Facebook Instagram and twitter are being blocked
Facebook Instagram twitter

लेकिन अभी तक फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम ने इस कोड को लागू नहीं किया है इन सभी कंपनियों को सरकार की तरफ से 3 महीने का टाइम मिला था लेकिन अभी तक उस कोड को लागू नहीं किया गया और यह तीनों कंपनी सरकार से डेट बढ़ाने की मांग कर रही हैं अब देखना यह है कि क्या सरकार डेट आगे बढ़ाती है या इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत में बैन कर देती है हालांकि हाल ही में आए मेड इन इंडिया सॉफ्टवेयर koo app ने इस डिजिटल कोड को लागू कर लिया है




इन नियमों के मुताबिक -

1. कंपनियों को भारत में अपने 3 ऑफिसर नियुक्त करने थे और उनसे संपर्क के लिए भारत का ही पता देना था. एक

2. ग्रीवांस रीड्रेसल यानि 24 घंटे के भीतर किसी भी शिकायत मिलने की बात स्वीकार करना और 15 दिनों के भीतर ही अपनी कार्रवाई या फिर कार्रवाई नहीं करने के कारण बताना शामिल है.

3. गलत कंटेट की सक्रिय मॉनिटरिंग करना. कंपनियों को टेक्नोलॉजी पर आधारित टूल विकसित करना, जिसमें रेप, बच्चों के खिलाफ अमानवीय व्यवहार जैसी सूचनाएं जो पहले हटाई जा चुकी हैं, उनकी जानकारी दी जा सके.

4. सरकारी निर्देशों के मुताबिक कंपनियों को हर महीने एक रिपोर्ट जारी करना था, जिसमें शिकायतों की संख्या, उन पर की गई कार्रवाई और कितने लिंक खत्म किए इसकी जानकारी भी शामिल करना था.

5. अगर कोई आपत्तिजनक बात हटायी गयी हो तो उसे बनाने और शेयर करने वाले को कारण बताना होगा. उन्हें मौका देना होगा कि अपनी बात रख सकें और अपना कंटेट वापस डालने की बात कर सकें.

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