कोरोना की तीसरी लहर शुरू , भारत भी इसके करीब पाबंदियों में छूट से बढ़ा जोखिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने की बात का ऐलान कर दिया है। WHO के चीफ डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस (Dr. Tedros Ghebreyesus) ने देशों को चेतावनी दी कि वे कोरोना की तीसरी लहर के शुरुआती फेज में आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये साफ़ कह दिया […]

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने की बात का ऐलान कर दिया है। WHO के चीफ डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस (Dr. Tedros Ghebreyesus) ने देशों को चेतावनी दी कि वे कोरोना की तीसरी लहर के शुरुआती फेज में आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये साफ़ कह दिया है ! कि सिर्फ वैक्सीन से महामारी नहीं रोकी जा सकेगी। देशों को इससे निपटने के लिए लगातार सावधानी रखनी होगी। कई देशों ने दिखाया भी है कि इस वायरस को रोका जा सकता है।




भारत की बात करें तो भारत में भी इसका खतरा करीब दिखाई दे रहा है। एक विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने आगाह किया है कि डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते मामलों और वायरस के म्यूटेट होने से देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जल्द ही सच में बदल सकती है।

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आकड़ो में गिरावट के बाद मौतें फिर बढ़ीं

हेल्थ एक्सपर्ट ने कोरोना के मामलों और मौतों में हाल में हुई बढ़ोतरी पर अलार्म बजाया है। यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में वैक्सीनेशन कवरेज बढ़ने से इनमें गिरावट आई थी। यूनाइटेड नेशंस की मीडिया विंग का कहना है कि दुनिया भर में लगातार चौथे हफ्ते कोरोना के मामलों में बढ़त दर्ज की गई है। 10 हफ्ते की गिरावट के बाद मौतें भी दोबारा बढ़ने लगी हैं।

WHO के चीफ ने कहा कि वायरस लगातार खुद में बदलाव कर रहा है। इसके साथ ही यह ज्यादा संक्रामक होता जा रहा है। और पहले से अधिक खतरनाक भी हो गया है ! उन्होंने बताया कि डेल्टा वैरिएंट अब WHO के सभी 6 रीजन और 111 से ज्यादा देशों में पहुंच चुका है। यह जल्द ही पूरी दुनिया में भी फैल सकता है। वायरस का अल्फा वैरिएंट 178 देशों में, बीटा 123 देशों में और गामा 75 देशों में मिल चुका है।




स्पेन में 61% मामले तो अमेरिका में 67% मामले

दुनिया में सबसे ज्यादा नए केस ब्राजील में मिल रहे हैं। बीते 24 घंटों में इनकी संख्या 57 हजार से ज्यादा रही। पिछले हफ्ते यहां 3.49 लाख केस मिले। हालांकि यहां नए मामलों में 14% की गिरावट आई है। इसी दौरान इंडोनेशिया में 45%, ब्रिटेन में 28%, अमेरिका में 67%, स्पेन में 61% तक मामले बढ़े हैं।

अगर भारत की बात करें तो साउथ ईस्ट एशिया रीजन में मौतों के मामले में भारत सबसे आगे है। यहां 6 हजार नई मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद इंडानेशिया और बांग्लादेश हैं। इंडोनेशिया में बच्चों को तीसरी लहर के असर से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। भारत में अब तक बच्चों को टीका लगाने की मंजूरी नहीं मिल सकी है।

भारत में पाबंदियों में छूट से जोखिम बढ़ा

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, UBS सिक्योरिटीज इंडिया की चीफ इकोनॉमिस्ट तन्वी गुप्ता जैन ने कहा है कि कई राज्य पाबंदियों में ढील दे रहे हैं, बाजार खुल रहे हैं, इस वजह से तीसरी लहर का जोखिम और ज्यादा हो गया है। देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार भी धीमी पड़ने लगी है। UBS की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भारत में औसतन 40 लाख डोज हर दिन लगाए जा रहे थे। अब यह संख्या 34 लाख तक आ गई है। यह स्थिति इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि अब 45% केस ग्रामीण इलाकों में सामने आ रहे हैं।




20% जिलों में दूसरी लहर खत्म नहीं

दैनिक भास्कर के मुताबिक - देश के ज्यादातर केस 20% जिलों में मिल रहे हैं। यहां दूसरी लहर का ही असर खत्म नहीं हुआ है और तीसरी लहर की आहट सुनाई देने लगी है। उन्होंने कहा कि इकोनॉमिक पॉइंटर सामान्य हो रहे हैं, लेकिन ये अब भी मिले-जुले नतीजे दिखा रहे हैं। ट्रेन और एयर पैसेंजर की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, UBS इंडिया एक्टिविटी इंडीकेटर के मुताबिक टोल कलेक्शन अब भी पहले की स्तर से नीचे हैं।

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