मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेतृत्व को सतना में चश्मा बदलने की जरूरत मामला रैगांव उपचुनाव का

मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेतृत्व को सतना में चश्मा बदलने की जरूरत मामला रैगांव उपचुनाव का सतना - विंध्य प्रदेश के जनाधार पर इतराने वाली भाजपा आज "किम कर्तव्य विमूढ़" सी खड़ी है, उनके खेमे में सन्नाटा है, उनके यहां भी दमोह वाली गलती दोहराई और उसे मुंह की खानी पड़ी सच्चाई तो यह है कि […]

रैगांव उपचुनाव
X

मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेतृत्व को सतना में चश्मा बदलने की जरूरत मामला रैगांव उपचुनाव का

रैगांव उपचुनाव
रैगांव उपचुनाव

सतना - विंध्य प्रदेश के जनाधार पर इतराने वाली भाजपा आज "किम कर्तव्य विमूढ़" सी खड़ी है, उनके खेमे में सन्नाटा है, उनके यहां भी दमोह वाली गलती दोहराई और उसे मुंह की खानी पड़ी सच्चाई तो यह है कि भाजपा ने यहां की राजनैतिक जमीन सांसद गणेश सिंह व मंत्री रामखेलावन पटेल को लीज पर दे दी और इतिहास से कोई सबक नहीं लिया । यही गलती कांग्रेस ने की थी जब दिग्विजय सिंह ने अपने 10 वर्षीय शासन में स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी को यहां का अघोषित मुख्यमंत्री बना दिया था , तब से आज उसे गुलाल उड़ाने का मौका मिला है । लोकतंत्र का मतलब ही सामूहिक हिस्सेदारी होती है ,

लेकिन यहां भाजपा ने सांसद व मंत्री को ही भाजपा का सरकार मान लिया । जनता व कार्यकर्ता कर ही क्या सकते हैं, व्यवस्था के नीचे दबकर खामोश रहना ही उनकी नियति होती है , लेकिन समय आने पर वे ईवीएम का बटन दबाकर पूरा हिसाब बराबर कर लेते हैं । शिवराज सिंह की इस पारी में सांसद व मंत्री ने मिलकर लोकतंत्र को राजतंत्र में बदल दिया और सजातीय अधिकारी कर्मचारियों की यहां भीड़ लगा दी पार्टी संगठन वह सत्ता में इन्होंने परिवाद का ऐसा खेल खेला कि नेहरू गांधी परिवार में पीछे लगने लगा जनता ने सत्ता का प्रभाव का ऐसा नंगा नाच शायद ही पहले कभी देखा हो ।

नारायण की नाराजगी और माफियाओं की इंट्री घातक बनी

विंध्य के कद्दावर नेता विधायक नारायण त्रिपाठी को सांसद ने हीं नाराज किया है । और विकल्प के तौर ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुखौटा ओढ़े एक खनिज रेत माफिया का उदय हुआ । कांग्रेस से भाजपा में आए माफियाओं ने मैहर में सेज सजाकर सांसद और मंत्री का स्वागत किया वहीं मैहर की एक आम सभा का हवाला देकर सिंधिया को कुर्मी जाति का होना प्रचारित करवाया गया इस के नेतृत्व में इस तिकडी़ का तिकड़म यह था कि ब्राह्मण व कुर्मी मिलकर खनिज माफिया को विधायक बना देंगे और नारायण त्रिपाठी की फाइल निपट जाएगी । गौरतलब है कि मैहर विधानसभा में ब्राह्मण और पटेल मतदाताओं की बहुतायत है ।

इस तरह सांसद मंत्री व खनिज माफियाओं ने मिलकर सर्वहारा वर्ग के निष्कंलक नेता सिंधिया को भी जातिवाद के चक्कर में धकेल दिया । दूसरी और अपनी माफिया इमेज से ग्रसित नेता के चक्कर में जहां सिंधिया की छवि बिगड़ी वही मैहर की जनता यहां सवाल करने लगी कि सिंधिया को विंध्य प्रदेश में क्या कोई और नेता नहीं मिला .??? इधर यही गठबंधन टिकट से लेकर मतगणना तक रैगांव उपचुनाव का प्रबंधन देखता रहा और हाईकमान को भ्रामक जानकारी देता रहा । क्षेत्र के स्थानीय ब्राह्मण.व क्षत्रिय नेता उपेक्षित रहे और मैहर के खनिज माफिया वी.आई.पी.मच साझा करते रहे और भाजपा की दुर्गति कराकर घर लौट गए ।
दलितों का दमन
भाजपा सरकार की इस पारी में यहां दलितों पर अत्याचार हुए उनका दमन हुआ लेकिन व्यवस्था गूंगी बहरी बनी रही । अमरपाटन में मंत्री व परिजनों ने दलितों के घर बुलडोजर चलवा दिए । ताला में दलितों की बस्ती उजाड़ दी गई रामपुर बघेलान के रामनगर में दलित का प्रधानमंत्री आवास जला दिया गया । मझगंवा में दलितों के साथ अन्याय हुआ मंत्री मीना सिंह द्वारा दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के निर्देश गए लेकिन सांसद द्वारा सतना में थोपे गए थे वन मंडल अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की । निरीह दलित क्या करते अंदर ही अंदर रैगांव में भाजपा को सबक सिखाने में लग गए ।

पुष्पराज व इज्जत की भीख…???

चुनाव में पुष्पराज व बंदना बागरी के आंखों उनके लिए मोती बन गए, प्रतिभा की हार ने उनके लिए आगे दरवाजे खोल दिए हैं । सूत्रों का कहना है कि पुष्पराज ने दवेखाने प्रतिभा को हराकर अपनी इज्जत की भीख मांगी और जनता ने उनकी इज्जत रख ली ।
तपोनिष्ठो को नहीं मिला सम्मान
इस चुनाव में भाजपा के तपोनिष्ठो नेता नागेंद्र सिंह नागौद, नागेंद्र सिंह गुढ़, शंकरलाल तिवारी, राजेंद्र शुक्ला, प्रभाकर सिंह, विक्रम सिंह, अरुण द्विवेदी, सुरेंद्र सिंह गहरवार, गगनेंद्र प्रताप सिंह, रानी बागरी, सुभाष शर्मा "डोली" को सम्मान व महत्व नहीं मिला जबकि जनता भी इनकी बात मानती है ।

गणेश सिंह ने पैदा किया भस्मासुर

सांसद गणेश सिंह ने ही क्षेत्र में बेअक्ल रामखेलावन रूपी भस्मासुर पैदा किया जातिवादी क्षेत्र में जहां मतभेद हुआ करते थे उन्होंने उन मतभेदों को मनभेद में बदल दिया मंत्री ने अपने गांव उमरी में सांसद द्वारा जनता की सुदूर ग्राम सड़क निरस्त करा कर अपने खेतों में बनवा दी । आखिर जनता की हाय कहां जाएगी वह रैगांव में भाजपा को आकर लग गई । मंत्री का रामपुर बघेलान विधानसभा में की गई मनमानी अन्याय उमरी , कल्ला ,खोखम, खुखड़ा में सर चढ़कर बोल रहा है । इन्हें सदैव शेत्र की जनता समाज के दुश्मन के रूप में ही याद करेगी ।

तोमर को बदनाम किया जायसवाल ने??

भाजपा में एक जायसवाल है जिनके डीएनए में ही अतिक्रमण है पहले घर में अतिक्रमण किया अब सतना नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण अब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नाम पर अतिक्रमण करते फिर रहे हैं कि मंत्री जी मेरे बुलावे पर ही रैगांव आए वह विंध्य में मेरे अलावा किसी को जानते ही नहीं अपने आप को अघोषित महापौर मारने वाले जायसवाल जी से जमीन बचाना क्योंकि इनका कहना है कि महापौरी का टिकट तोमर सा. इनकी तिजोरी में रख गए हैं ।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री व भाजपा नेतृत्व को राजनैतिक चश्मा बदलने की जरूरत है बिंध्य में भाजपा के जनाधार में सेंध लग चुकी है पार्टी को यह तय करना होगा कि यह सिर्फ गणेश सिंह, रामखेलावन पटेल पर मैहर के माफिया की नहीं सब की पार्टी है नारायण त्रिपाठी क्षेत्र की 32 सीटों पर सेंध लगाकर सत्ता कांग्रेस को सौंप दें चिंतन की आवश्यकता है । बिजली ,पानी ,सड़क, खाद, भ्रष्टाचार,डीजल ,पेट्रोल से त्रस्त जनता अतिवाद में बदल चुके जाति को सहन करने के मूड में नहीं है ।

यह खबर भी पढ़िए !

Tags:
Next Story
Share it