आगामी होने वाले बिधानसभा चुनाव में कैसे होगी काग्रेश की नैया पार ??

घर का भेदी लंका ढाए! यह कहावत कांग्रेश पार्टी मे चरितार्थ हो रही है !क्योंकि कांग्रेस को भाजपा ने नहीं कांग्रेस ने ही खत्म किया है!आज भी घुन की तरह कांग्रेसी कांग्रेस को खा रहे है!यहा बड़ा सबाल है की आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेश की नैया कैसे पार होगी!क्योकि अपने ही दल के प्रत्याशियों […]

बिधानसभा चुनाव
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घर का भेदी लंका ढाए! यह कहावत कांग्रेश पार्टी मे चरितार्थ हो रही है !क्योंकि कांग्रेस को भाजपा ने नहीं कांग्रेस ने ही खत्म किया है!आज भी घुन की तरह कांग्रेसी कांग्रेस को खा रहे है!यहा बड़ा सबाल है की आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेश की नैया कैसे पार होगी!क्योकि अपने ही दल के प्रत्याशियों को हराने के लिए कांग्रेश मे पर्याप्त पदाधिकारी नजर आ रहे हैं! पिछले चुनाव मे मिली करारी हार के बाद भी कागेशियो ने सबक नही लिया,गुटबाजी के चक्कर मे एक दूसरे का पैर खीचने की रीवा जिले मे प्रतियोगिता चल रही है!
रीवा जिले मे काग्रेश कई खेमो मे विभाजित है,जहा काग्रेश को भाजपा से लड़ना था वहा कांग्रेश सिर्फ कांग्रेसियों से लड़ रही है!इसी बजह से कांग्रेस बीते 2018 के बिधानसभा चुनाव में अपना खाता नही खोल सकी!विध्य सहित रीवा जिले से मिली करारी हार की वजह से कमलनाथ की सरकार 15 महीनों में ही औंधे मुंह गिर गई!और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने!
वर्ष 2023 के बिधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है!पर अगर रीवा जिले मे देखा जाय तो काग्रेश भाजपा से नही काग्रेश से लड़ रही है,रीवा जिला अध्यक्ष भगत शुक्ला खुद तो चुनाव जीत नही पाये,पर उनके द्वारा तैयार की जा रही गुटबाजी से लग रहा है की काग्रेश का रीवा जिले की आठो बिधानसभा सीट से इसबार फिर खाता खुलने बाला नही है!
जिले मे कई पदाधिकारी सिर्फ 2023 के बिधानसभा चुनाव मे काग्रेश को रोकने के लिए बनाये गये है,एक तरफ गुटबाजी मे उलझी काग्रेश सिर्फ कागेशियो से जहा लड़ रही है,तो वही दूसरी तरफ भाजपा पोलिंग बूध स्तर पर कार्यकर्ताओ का गठन कर अपने चुनावी रण मे उतर चुकी है!रीवा जिले की एक या दो सीट काग्रेश प्रत्याशी वर्तमान बिधायको से जनता की चल रही नराजगी की बजह से भले जीत जाय,बाकी काग्रेश संगठन की मजबूती और एकता की बजह से जीत दिखाई नही दे रही है!

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