IPL 2022: विराट कोहली ने जसप्रीत बुमराह को किया नजरअंदाज,पूर्व खिलाड़ी ने बताया किस्सा

ipl news hindi : जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) आज भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) का अभिन्न अंग हैं. इनके प्रदर्शन से बहुत सारे लोग इनके फेन बन चुके है ! अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका उदय अभूतपूर्व रहा. साल 2015 में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के लिए शानदार प्रदर्शन करने के बाद बुमराह को जनवरी 2016 में टीम […]

ipl news hindi : जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) आज भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) का अभिन्न अंग हैं. इनके प्रदर्शन से बहुत सारे लोग इनके फेन बन चुके है ! अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका उदय अभूतपूर्व रहा. साल 2015 में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के लिए शानदार प्रदर्शन करने के बाद बुमराह को जनवरी 2016 में टीम इंडिया में सीमित ओवरों की सीरीज के लिए शामिल किया गया. भारतीय टीम (Team India) में उन्हें जगह बनाने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी और जल्द ही लाइन लेंथ पर नियंत्रण कर लिया. अब वह भारत की तेज गेंदबाजी के आक्रमण की धुरी हैं. साल 2018 में बुमराह ने टेस्ट डेब्यू किया. बीते तीन साल में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी अमिट छाप छोड़ी है. और आज उन्होंने एक अलग पहचान बना ली है !

IPL 2022
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बुमराह के लिए उनकी सफलता का बड़ा कारण उनकी मेहनत और कौशल है. लेकिन इसका कुछ श्रेय टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को भी जाता है. एमएस धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी में भारत के लिए शुरुआत करने वाले बुमराह विराट कोहली की कप्तानी में अलग रूप में दिखे. विराट उनके बड़े समर्थक रहे हैं. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब विराट ने बुमराह को नजरअंदाज कर दिया था. यह किस्सा आरसीबी के पूर्व खिलाड़ी पार्थिव पटेल ने साझा किया है.

विराट बोले- बुमराह-वुमराह क्या करेंगे

मीडिया से बाद करते हुए पार्थिव पटेल ने कहा, मैं साल 2014 में आरसीबी का हिस्सा था, मैंने विराट कोहली से कहा कि मुंबई की टीम में बुमराह नाम का गेंदबाज है क्या आपने उसे देखा है. विराट ने कहा, छोड़ न यार, यह बुमराह-वुमराह क्या करेंगे. पार्थिव गुजरात की घरेलू टीम में बुमराह के कप्तान थे और उन्होंने पहली बार क्रिकेट में उनके उदय को देखा था. पार्थिव कहते हैं कि बुमराह ने काफी संघर्ष किया जो बाद में अलग किस्म के गेंदबाज बने.

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पार्थिव पटेल के मुताबिक, जब उन्हें पहली बार चुना गया तो बुमराह ने पहले 2-3 वर्षों तक रणजी ट्रॉफी खेली. रणजी में 2013 उनका पहला साल था और 2014 उनके लिए अच्छा नहीं रहा. इसके बाद 2015 उनके लिए इतना बुरा साबित हुआ कि उन्हें बीच में ही घर वापस भेजना पड़ सकता था. पार्थिव के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे सुधार करना शुरू कर दिया और मुंबई इंडियंस ने वास्तव में उन्हें तराशा, यह उनकी कड़ी मेहनत और क्रिकेट के प्रति लगाव का परिणाम है जो उन्हें सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज के रूप में सामने लाया.

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