मऊगंज सिविल अस्पताल की कब सुधरेगी व्यवस्था,बीएमओ की बल्ले बल्ले,

REWA मऊगंज सिविल अस्पताल की कब सुधरेगी व्यवस्था,बीएमओ की बल्ले बल्ले, रीवा जिले के सिविल अस्पताल मऊगंज की व्यवस्था इन दिनों भगवान भरोसे चल रही है,यहां की व्यवस्था कब सुधरेगी सीएमएचओ रीवा नरेंद्र नाथ मिश्रा के रहते यह कह पाना बहुत कठिन हो रहा है, क्योंकि सीएमएचओ नरेंद्र नाथ मिश्रा ने बीएमओ एसडी कोल को […]

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REWA मऊगंज सिविल अस्पताल की कब सुधरेगी व्यवस्था,बीएमओ की बल्ले बल्ले,

रीवा जिले के सिविल अस्पताल मऊगंज की व्यवस्था इन दिनों भगवान भरोसे चल रही है,यहां की व्यवस्था कब सुधरेगी सीएमएचओ रीवा नरेंद्र नाथ मिश्रा के रहते यह कह पाना बहुत कठिन हो रहा है, क्योंकि सीएमएचओ नरेंद्र नाथ मिश्रा ने बीएमओ एसडी कोल को खुली छूट दे रखी हैं! जिसकी वजह से भ्रष्टाचार यहां दिन दूना रात चौगुना फल फूल रहा है, सिविल अस्पताल मऊगंज जहा देवतालाव वा मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ो मरीज प्रतिदिन उपचार कराने मऊगंज अस्पताल आते है, पर यहां की व्याप्त अव्यवस्था का शिकार उन्हें होना पड़ता है!

शिविल अस्पताल मऊगंज की व्यवस्था सुधारने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ,क्षेत्रीय विधायक सहित जिला कलेक्टर के तमाम प्रयास विफल दिखाई दे रहे हैं,जब बिधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम,क्षेत्रीय विधायक प्रदीप पटेल,और जिला कलेक्टर मनोज पुष्पा के प्रयाशो पर बीएमओ एसडी कोल पानी फेर रहे है, तो अब आगे जनता किससे उम्मीद करें।

सिविल अस्पताल मऊगंज के व्यवस्था मे कोई सुधार होता दिखाई नही दे रहा है। वैसे जिले में अन्य अस्पतालों का भी कुछ यही हाल है। एक भी अस्पताल में चिकित्सक ड्यूटी रोस्टर का पालन नहीं कर रहे हैं। जो कि जिला स्वास्थ्य प्रशासन और सम्बंधित बीएमओ की अक्षमता को दर्शाता है। ये खुद को लाचार कहे लेकिन सब कुछ उनकी मर्जी और मैनेज सिस्टम से हो रहा है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में होने बाले फर्जीवाड़े और कुछ धाकड़ फील्ड कर्मचारी फील्ड से नदारत होकर सिविल अस्पताल में दशकों से अंगद की तरह पैर जमाकर यहां की अव्यवस्था और असंतोष को बढ़ा रहे है! जिसके चलते सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित की गई योजनाएं कागजो में दम तोड़ रही हैं।

बीएमओ की कार्यशैली व अभद्र भाषाओं के उपयोग के चलते चिकित्सको सहित मरीजों में अक्सर असंतोष दिखाई देता है,जिसके कारण पूर्व मे कई बार मारपीट भी हो चुकी है,बताया जाता है की बीएमओ की दिनचर्या ही किसी एक जाति विशेष को अभद्र भाषाओ से सम्मानित करते हुए शुरू होती है जिसके कारण कभी कभार उन भाषाओं को सुनने वालों में आक्रोश भी दिखाई देता है,

अभी 2 माह पूर्व मऊगंज बीएमओ एसडी कोल का स्थानांतरण सिंगरौली के लिए राज्य शासन द्वारा किया गया था, पर सीएमएचओ नरेंद्र नाथ मिश्रा ने उनको रिलीव ना करते हुए न्यायालय से स्थगन लेने के लिए भरपूर मौका दिए!और अंततः उन्हें न्यायालय से स्थगन भी मिला!और आज बीएमओ की कुर्सी पर पुनः विराजमान है,

दस्तक अभियान में भी मऊगंज सिविल अस्पताल में हुआ व्यापक फर्जीवाड़ा, देखिए अगले अंक में

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