UGC ACT 2026: यूजीसी के नए नियम को लेकर मऊगंज जिले में बंद का ऐलान
UGC Equality Regulations 2026 : यूजीसी के नए नियम को लेकर मऊगंज जिले में बंद का आवाहन, एसडीएम को सोपा गया ज्ञापन

UGC ACT 2026: देश भर में इन दिनों उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक नियम काफी सुर्खियों में है, जिसको लेकर सियासत गर्म है समाज और सोशल मीडिया में जमकर विवाद छिड़ा हुआ है, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी कि यूजीसी द्वारा लागू किए गए “उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026” को लेकर जहां कुछ लोग इसे ऐतिहासिक कदम बता रहे हैं, तो वहीं सामान्य वर्ग इसे काले कानून का नाम दे रहे हैं.
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UGC ACT 2026 के विरोध में मऊगंज जिले में बंद का ऐलान
देशभर में UGC ACT 2026 को लेकर बवाल मचा हुआ है, जिसका विरोध मऊगंज जिले में भी देखने को मिल रहा है, यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियम के विरोध में मऊगंज जिले में बंद का ऐलान किया गया है, और सामान्य वर्ग को साथ आकर इस बिल का विरोध करने की अपील की गई है.
जिसके लिए मऊगंज एसडीएम को ज्ञापन पत्र सौंप कर 1 फरवरी को मऊगंज बंद का ऐलान किया गया है, इस बिल के विरोध में युवाओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया है.
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यूजीसी एक्ट 2026 क्या है..?
यूजीसी यानी कि “विश्वविद्यालय अनुदान आयोग” के द्वारा लाए गए, यूजीसी एक्ट 2026 को लेकर लोगो के मन में कई तरह के सवाल है, कि आखिर यूजीसी एक्ट क्या है…?
आपको बता दे की देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, समान अवसर और नियम से जुड़ी संस्था जिसे “विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी” कहते हैं, इस संस्था के द्वारा देश भर के विश्वविद्यालय और कॉलेज में उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए 2026 में एक नियम लागू किया गया है.
यूजीसी के कथन के अनुसार इस बिल को कैंपस में जातिगत भेदभाव को रोकने और सभी वर्गों के लिए समान सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है.
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सामान्य वर्ग क्यों कर रहा है विरोध
यूजीसी एक्ट (UGC ACT 2026) को लेकर देश भर में विवाद छिड़ा हुआ है, जहां समाज का एक बड़ा हिस्सा इस बिल का समर्थन कर रहा है, वहीं सामान्य वर्ग इस बिल के विरोध में खड़ा है.
विरोध करने के पीछे सामान्य वर्ग के द्वारा कहा गया है की यह एक काला कानून है और इससे सामान्य वर्ग के बच्चों का भविष्य खतरे में है, सामान्य वर्ग का कहना है कि इस बिल पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है.
क्योंकि इस नियम का उपयोग सामान्य वर्ग के बच्चों के लिए हथियार के रूप में उपयोग हो सकता है, इसके अलावा इस बिल के संबंध में तर्क दिया गया है कि इसमें नियम के गलत इस्तेमाल पर किसी भी प्रकार की सजा का कोई प्रावधान उल्लेख नहीं किया गया है, और सामान्य वर्ग पर लगे हुए आरोपी की जांच के विषय में कोई उल्लेख नहीं है इसलिए यह नियम सामान्य वर्ग के लिए घातक है.
