Singrauli News: 11.63 करोड़ के साइबर फ्रॉड में सिंगरौली के दो लोग गिरफ्तार, भोपाल से पकड़े गए

Singrauli News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खाते का इस्तेमाल करके किए गए करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में सिंगरौली जिले से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सोनभद्र पुलिस ने इन्हें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पकड़ा। मुख्य संदिग्ध समेत इस मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक वाहन भी जब्त किया है।
भोपाल में कार्यवाई कर 3 लोगों को पकड़ा
सोनभद्र पुलिस के अनुसार दुद्धी थाने की पुलिस टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से भोपाल में एक ऑपरेशन चलाया और मोबाइल लोकेशन डेटा के जरिए संदिग्धों को ट्रैक किया। 25 अक्टूबर 2024 को रात लगभग 8 बजकर 5 मिनट पर अयोध्या नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सी-सेक्टर चौराहे पर यादव टी स्टॉल के पास से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में राजेश पोद्दार और बब्बू प्रसाद प्रजापति और सतना जिले के निवासी जय कुमार पाण्डेय शामिल हैं। इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया और 28 अक्टूबर को अदालत में पेश किया जाना था।
सिंगरौली के मोरवा और बरगवां से जुड़ा है आरोपियों का कनेक्शन
राजेश पोद्दार फिलहाल भोपाल के ‘सागर लेक व्यू होम्स’ में एक फ्लैट में रहते हैं, जबकि उनका स्थायी पता सिंगरौली जिले के मोरवा इलाके में आदर्श नगर स्कूल के पास, वार्ड नंबर 9 में है। इसी तरह, बब्बू प्रसाद प्रजापति भी भोपाल के सागर लेक व्यू होम्स में ही रहते हैं उनका स्थायी पता सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोडवाली गांव में है। इन गिरफ्तारियों से यह सामने आया है कि इस मामले की जांच में सिंगरौली जिले के लोग भी शामिल हैं।
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35 साइबर फ्रॉड मामलों में 11.63 करोड़ की हेराफेरी
पुलिस के अनुसार JMIS पोर्टल के जरिए सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से रजिस्टर्ड बैंक खातों की जांच की गई। इसमें पता चला कि साइबर धोखाधड़ी के 35 अलग-अलग मामलों के जरिए लगभग 11.63 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। जांच में सामने आया कि इनमें से एक बैंक खाते में कुल 2.37 करोड़ रुपये जमा हुए थे। पुलिस का कहना है कि इस ट्रस्ट को हरिकेश पांडे उर्फ़ ऋषिकेश चलाता था। उसने बैंक खाता खोला और बाद में खाते की डिटेल और उससे जुड़ा ATM कार्ड मध्य प्रदेश के कुछ लोगों को सौंप दिया। साइबर धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम इन्हीं खातों के जरिए निकाली गई। जांच में यह भी पता चला कि ट्रस्ट के अध्यक्ष को 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था जबकि बाकी रकम इसमें शामिल अन्य लोगों के बीच बांट दी जाती थी।
इन संस्थानों के बैंक खातों की भी होगी जांच
पुलिस ऑपरेशन का पहला चरण 25 अक्टूबर को दुधी रेलवे स्टेशन के पास हुआ जहां मुख्य आरोपी हरिकेश पांडे उर्फ ऋषिकेश समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। दूसरा चरण 26 अक्टूबर को म्योरपुर थाना क्षेत्र के रनटोला तिराहे में चलाया गया जिसमें प्रवेश राज सिंह और जोनसीन क्रिशायान उर्फ राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद भोपाल से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या आठ हो गई।
पुलिस ने दुद्धी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान कई संस्थाओं से जुड़े बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन पाए गए। इनमें धर्मोदय फाउंडेशन, बलसा कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी, भूमित्रम इंडिया माइक्रो फाउंडेशन ट्रस्ट और राष्ट्रीय स्वराज फाउंडेशन जैसी संस्थाएं शामिल हैं। इन संस्थाओं से जुड़े लेनदेन की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए की जाएगी।
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