MP Cabinet Decisions: स्कूलों के लिए 3000 करोड़ रुपए, छात्रों की बसों पर 241 करोड़ रुपए मंजूर

MP Cabinet Decision: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें जबलपुर से इंदौर तक एक औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण, और साथ ही स्कूली शिक्षा, छात्रों के लिए परिवहन, सिंचाई, आयुष विभाग, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी कई पहलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि सरकारी स्कूलों, हॉस्टलों, पुस्तकालयों और आवासीय विद्यालयों के विकास के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, स्कूली छात्रों के लिए परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लगभग 241 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी गई है।
सरकारी स्कूलों और हॉस्टलों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकारी स्कूलों जिनमें सांदीपनि स्कूल भी शामिल हैं, हॉस्टलों, पुस्तकालयों, आवासीय विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विकास पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस फंड में विधायकों और सांसदों की ओर से मिलने वाली अनुदान राशि सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त संसाधन शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश में सांदीपनि स्कूलों की स्थापना के साथ शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों, पुस्तकालयों, आवासीय संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विकास के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है : CM@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh… pic.twitter.com/rPbkUpBt2A
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MP Cabinet Decision: छात्रों की बसों के संचालन की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर संभालेंगे
छात्रों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्तर से बसों के प्रबंधन और रखरखाव में अक्सर आने वाली चुनौतियों को देखते हुए अब यह जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों को सौंप दी गई है। बसों का संचालन और रखरखाव जिला स्तर पर किया जाएगा, जिसमें स्थानीय परिस्थितियों और लागत में क्षेत्रीय अंतर को ध्यान में रखा जाएगा। इस पहल का लक्ष्य आदिवासी क्षेत्रों, ओबीसी समुदायों और अन्य समूहों के छात्रों तक परिवहन सेवाएं पहुंचाना है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विद्यालयों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगभग ₹241 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत बसों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था जिला स्तर पर की जाएगी : CM@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #CabinetDecisionsMP #CabinetMP pic.twitter.com/SBX1ZSZFLj
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सिंचाई परियोजनाओं को पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी
कैबिनेट ने सिंचाई बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रायसेन जिले के उदयपुरा और भोजपुर क्षेत्रों में सिंचाई परियोजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, सीतामऊ परियोजना लगभग 750 करोड़ रुपये और सिंगरौली क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाली 1320 करोड़ रुपये की एक लघु सिंचाई परियोजना को भी पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है। बुरहानपुर और अन्य लाभान्वित क्षेत्रों में सिंचाई प्रणालियों को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में जल संसाधन विभाग की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता की मंजूरी दी गई है। इसके तहत बुरहानपुर, रायसेन जिले के उदयपुर एवं भोजपुर क्षेत्र सहित अन्य लाभान्वित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए परियोजनाएं आगामी पांच वर्षों तक जारी रहेंगी।… pic.twitter.com/1uXFIQ84ms
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MP Cabinet Decisions: चार नए जिलों में खुलेंगे महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय
महिला एवं बाल विकास विभाग के चार कार्यालय नए बने जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से आम जनता विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी।
1698 करोड़ रुपये की लागत वाली आयुष मिशन परियोजना जारी रहेगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत लगभग 1,698 करोड़ रुपये की परियोजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में नौ नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने को मंजूरी दी गई है और इन्हें चालू करने का काम चल रहा है। सरकार का उद्देश्य आयुष शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों को और मजबूत करना है।
MP Cabinet Decisions: भोपाल के पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र पर आयोजित एक वार्षिक सम्मेलन के दौरान, 120 से अधिक उद्योगपतियों ने लगभग 375 करोड़ रुपये का निवेश करने में रुचि दिखाई है। भोपाल को आईटी और टेक्नोलॉजी के साथ-साथ उद्योग, वाणिज्य और व्यापार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगले साल भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि देवास, सीहोर, उज्जैन और इंदौर को बड़े महानगरीय क्षेत्रों के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है। इंदौर और भोपाल के बाद, जबलपुर को भी एक बड़े महानगरीय शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
मध्यप्रदेश में पर्यटन, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग के साथ लॉजिस्टिक्स एवं फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, जबकि नरसिंहपुर और रायसेन में फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए अच्छे अवसर हैं।
भोपाल आईटी और तकनीकी… pic.twitter.com/hM9TyBw1T9
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