प्राइवेट स्कूल नही कर पाएंगे फीस में मनमानी, की जाएगी सख्त कर्रवाई
Gwalior News: शिक्षा विभाग द्वारा प्राइवेट स्कूलों पर सख्त रुख अपनाया गया है. पहले स्कूल केवल पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने की खानापूर्ति करते थे, लेकिन अब पहली बार हार्ड कापी भी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा जिसके बाद प्राइवेट स्कूल नही कर पाएंगे फीस में मनमानी.

Gwalior News: देश के साथ-साथ पूरे प्रदेश में अक्सर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी देखने को मिलती रहती है. कभी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ा दी जाती है, तो कभी बस की फीस बढ़ा दी जाती है. कभी 5 सीटर स्कूल वैन में दो दर्जन से भी अधिक बच्चों को ले जाने की फोटो सोशल मीडिया में वायरल होती है. लेकिन ग्वालियर में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा सख्त रुख अपनाया गया है. जिसके बाद अब स्कूलों द्वारा किसी विसंगति पर कार्रवाई की जाएगी.
31 दिसम्बर तक अपलोड करना था फीस स्ट्रक्चर
लोक शिक्षण विभाग के पोर्टल पर सभी स्कूलों को अपना फीस स्ट्रक्चर अपलोड करना था. लेकिन शहर के अभी भी 10 से 15 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने आखिरी तारीख तक फीस स्ट्रक्चर अपलोड नही किया हैं. आपको बता दें कि विभाग प्राइवेट स्कूलों से फीस स्ट्रक्चर इसलिए अपलोड कराता है, जिससे आसानी से पता चल सके कि स्कूल द्वारा किस कक्षा की कितनी फीस ली जाती है. इसके अलावा किसी स्कूल ने पिछले साल की तुलना में कितनी फीस बढ़ाई है.
अब प्राइवेट स्कूल नही कर पाएंगे फीस में मनमानी
शिक्षा विभाग ने इस बार नियम में बड़ा बदलाब किया है. अभी तक प्राइवेट स्कूल सिर्फ पोर्टल मे जानकारी अपलोड करने की खानापूर्ति करते थे. लेकिन अब पहली बार पोर्टल के साथ-साथ हार्ड कॉपी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा.
आपको बता दें कि प्रशासन को कई बार ऐसी शिकायतें मिली कि, प्राइवेट स्कूल तकनीकी बहाने बनाकर पोर्टल पर जानकारी अधूरी छोड़ देतें थें. इस कारण पालकों को पोर्टल से फीस की सही जानकारी नही मिल पाती थी और निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली जाती है. लेकिन हार्ड कॉपी जमा होने के कारण भौतिक रिकॉर्ड रहेगा और विसंगति पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
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इन पर होगी जल्द कर्रवाई
शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 31 दिसम्बर की समय सीमा समाप्त हो चुकी है. 3-4 दिन के भीतर डेटा का मिलान किया जाएगा. जिसके बाद उन स्कूलों पर कर्रवाई की जाएगी जिन्होंने फीस की जानकारी सार्वजनिक नही की है और हार्ड कॉपी कार्यालय में जमा नही किया है.






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