Madhya Pradesh

MP Lokayukta Raid: पुलिस हेड कॉन्स्टेबल पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप, 8 टीमें कर रहीं जांच

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MP Lokayukta Raid: मध्य प्रदेश के देवास में आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त यूनिट की टीमों ने हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान से जुड़ी कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। फिरोज खान अभी इंदौर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) में तैनात हैं। यह जांच तब शुरू हुई जब उन पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप लगे। शुरुआती जांच से पता चला है कि उनके पास अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 6.5 करोड़ रुपए ज्यादा की संपत्ति है। इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और कई जगहों पर तलाशी अभियान चल रहा है।

आय से 223 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति

लोकायुक्त पुलिस के शुरुआती हिसाब किताब के अनुसार हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान ने अपनी वेतन से लगभग 75 लाख रुपए कमाए। अगर दूसरे स्रोतों से होने वाली संभावित आय को भी जोड़ लिया जाए, तो उनकी कुल आय लगभग 1.93 करोड़ रुपए होती है। जांच में मिली संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 223 प्रतिशत ज़्यादा है। हालांकि संपत्ति की असली कीमत और आय के स्रोतों की पुष्टि करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।

15 जगहों पर एक साथ छापेमारी

इस लोकायुक्त ऑपरेशन के लिए इंदौर और उज्जैन डिवीजन की 8 टीमें बनाई गई थीं। ये टीमें कुल 15 अलग-अलग जगहों पर तलाशी ले रही हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य हेड कॉन्स्टेबल की संपत्ति, निवेश और दूसरे वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच करना है। अधिकारी इकट्ठा की गई जानकारी के आधार पर इन संपत्तियों के स्रोतों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

छापेमारी के दौरान लोकायुक्त टीमें घरों, फ्लैट, प्लॉट, खेती की ज़मीन और कमर्शियल प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारी मुख्य रूप से इन संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल किए गए पैसे और उस पैसे के स्रोत पर ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्ति और उनके वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

देवास और इंदौर में लगभग 20 संपत्तियों का पता चला

शुरुआती जांच के दौरान लोकायुक्त को हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान से जुड़ी देवास और इंदौर जिलों में लगभग 20 संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली। जांच टीम इन संपत्तियों की कीमत और उन्हें खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए पैसे के स्रोतों की जांच कर रही है। लोकायुक्त के अनुसार शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि लगभग ₹6.5 करोड़ की संपत्ति मिली है, जो आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज्यादा है। हालांकि संपत्ति की कुल कीमत और आय के स्रोतों के बारे में पूरी जानकारी तलाशी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में FIR दर्ज

आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। लोकायुक्त की टीमें दस्तावेज और अन्य संभावित सबूत खोजने के लिए कई जगहों पर तलाशी ले रही हैं। जांच के हिस्से के तौर पर अधिकारी संपत्ति के रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन का मिलान आय के ज्ञात स्रोतों से करेंगे। अभी 15 जगहों पर तलाशी अभियान चल रहा है जिसमें 8 टीमें शामिल हैं। संपत्ति की असली कीमत और कथित गड़बड़ियों से जुड़ी अन्य जानकारी तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच होने के बाद ही पता चलेगी।

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