MP High Court: वीडियो सुनवाई में बिस्तर पर अंडरपैंट में लेटे मिले अधिकारी, हाईकोर्ट ने सरकार को दिए कार्रवाई के निर्देश

MP High Court: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही सुनवाई के दौरान एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार ने अदालत की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भोपाल स्थित नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) विभाग के संयुक्त निदेशक अमित कुमार गजभिए को अदालत की अवमानना से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान बिस्तर पर लेटे हुए देखा गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई के दौरान अधिकारी के व्यवहार पर अदालत नाराज
रिपोर्टों के अनुसार सुनवाई के समय अधिकारी ने केवल अंडरपैंट पहने हुए थे और उन्हें न्यायाधीश की मौजूदगी में अपनी शर्ट के बटन लगाते हुए देखा गया। न्यायमूर्ति दीपक खोट ने एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के इस अनुचित व्यवहार की कड़ी निंदा की और इसे अदालत की गरिमा और मर्यादा के पूरी तरह प्रतिकूल बताया।
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राज्य सरकार को चार सप्ताह में कार्यवाई की रिपोर्ट देने का निर्देश
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अधिकारी अमित कुमार गजभिए के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू करे। सरकार को चार सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में जमा करनी होगी। इसके अलावा अधिकारी से यह बताने के लिए कहा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
जीएसबी कंस्ट्रक्शन की याचिका से जुदा है मामला
यह मामला मेसर्स जीएसबी कंस्ट्रक्शन द्वारा दायर अदालत की अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उच्च न्यायालय ने पहले 19 जनवरी 2026 को एक स्पष्ट निर्देश जारी किया था जिसमें कंपनी के आवेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने के लिए कहा गया था। हालांकि तय समय बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। यह विवाद जबलपुर के मधोताल क्षेत्र में स्थित लगभग 36,192 वर्ग फुट के भूखंड के उपयोग से जुड़ा है।
30 नवंबर को अगली सुनवाई
अदालत के निर्देश के अनुसार राज्य सरकार को की गई विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपनी होगी और संबंधित अधिकारी को अपने अनुचित व्यवहार के संबंध में लिखित जवाब देना होगा। उच्च न्यायालय ने इस अवमानना मामले में अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय पेश हुए।





