Madhya Pradesh

इंजीनियरिंग छोड़ VIP पायलट बनी थी दादी की लाडली Pilot Shambhavi pathak, याद बनकर रह गई खिलखिलाती तस्वीरें

Pilot Shambhavi pathak बारामती में हुए विमान हादसे में न केवल महाराष्ट्र की राजनीति को झटका दिया है, बल्कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर की एक 25 साल की होनहार और हमेशा खिलखिलाने वाली बेटी को भी छीन लिया.

WhatsApp Group Join Now

Pilot Shambhavi pathak: बारामती में हुए विमान हादसे में न केवल महाराष्ट्र की राजनीति को झटका दिया है, बल्कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर की एक 25 साल की होनहार और हमेशा खिलखिलाने वाली बेटी को भी हमसे छीन लिया है.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान को उड़ा रही युवा पायलट शांभवी पाठक का इस हादसे में निधन हो गया. उनकी वीरता और पायलट बनने के जुनून की कहानी आज हर किसी की आंखें नम कर रहीं हैं.

इंजीनियरिंग छोड़ VIP पायलट बनी थी दादी की लाडली Pilot Shambhavi pathak, याद बनकर रह गई खिलखिलाती तस्

मध्यप्रदेश की Pilot Shambhavi pathak का ग्वालियर से अटूट रिश्ता था. बचपन से होनहार शांभवी आसमान में बादलों के बीच उड़ना चाहतीं थीं. पहले उनका चयन इंजीनियरिंग के लिए हुआ था. लेकिन उनका मन मशीनों में कभी भी नही लगता था. इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़ दी और पायलट बनने कठिन रास्ते को चुना.

साल 2016 स 2018 के बीच ग्वालियर एयरफोर्स नंबर 1 स्कूल से प्राइमरी और फिर दिल्ली बाल भारती स्कूल में आगे की पढ़ाई की. पायलट की ट्रेनिंग के लिए वे न्यूजीलैंड गईं. कुछ समय तक Pilot Shambhavi pathak मध्यप्रदेश फ्लाइंग क्लब की सदस्य भी रहीं, जहां उन्होने उड़ान की बारीकियां सीखी.

यह भी पढ़ें: mp news: रील बनाने के शौकीन Viral Dancing Cop Ranjeet Singh का डिमोशन, 

दादी का रो-रोकर बुरा हाल-Pilot Shambhavi pathak death

ग्वालियर के वसंत विहार में रहने वाली Shambhavi pathak की दादी मीरा पाठक का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने अपनी लाडली शांभवी की आखिरी बातचीत को शेयर किया. उन्होंने बताया कि हादसे वाले दिन 6.40 पर शाम्भवी ने उन्हें “HI Dadda Good morning” मैसेज किया था.

यह भी पढ़ें: CM Mohan Yadav Bhoomi Pujan: एमपी के इन शहरों को जोड़ेगा यह 4 लेन, 29 जनवरी को सीएम यादव करेंगे भूमिपूजन

दादी ने आगे बताया कि वो प्यार से मुझे दद्दा या दादू कहतीं थी और कभी कभार ही मैसेज किया करती थी. दादी ने बताया कि उसका निक नेम ‘चीनी’ था और उसका स्वभाव बहुत ही मिलनसार था. वे काफी होनहार थी.

यह भी पढ़ें: UGC ACT 2026: यूजीसी के नए नियम को लेकर मऊगंज जिले में बंद का ऐलान

वायुसेना की अनुशासन में पली बढ़ी Pilot Shambhavi pathak ने हमेशा चुनौतीपुर्ण कार्यों को चुना लेकिन इस घटना के बाद शांभवी सिर्फ यादें छोड़ गईं हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker!