Madhya Pradesh

MP Bhopal News: प्रशासन पर भड़के सांसद आलोक शर्मा! 751 करोड़ खर्च फिर भी नहीं बचा बड़ा तालाब

अंधाधुंध अतिक्रमण के कारण बड़ा तालाब 31 किमी से घटकर सिर्फ 9 किमी रह गया, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से तीखे सवाल दागे। MP Bhopal News

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MP Bhopal News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की शान और पहचान माने जाने वाला “बड़ा तालाब” अब अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहा है। सोमवार को हुई High Level Meeting में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जो तालाब कभी करीब 31 किलोमीटर के एरिया में फैला था, वह अब सिमटकर महज 8 से 9 किलोमीटर का रह गया है। बैठक के दौरान भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने Collector कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित अन्य Administrative Officers से इस मामले में जवाब मांगा और तालाब के घटते दायरे को लेकर गंभीर चिंता जताई।

31 स्क्वायर किमी से 9 km का रह गया भोपाल बड़ा तालाब

भोपाल के बड़ा तालाब संरक्षण को लेकर हुई हाई Level Meeting में बताया गया कि अब बड़ा तालाब 31 किमी का नहीं रह गया है, बल्कि महज 8 से 9 किमी ही बचा है। किनारों को फार्म हाउसों ने दबा लिया है। बैठक के दौरान सांसद आलोक शर्मा ने कलेक्टर से पूछा कि अब तक अतिक्रमण हटाने के लिए NGT ने कितने आदेश जारी किए और उनमें से कितने आदेशों का पालन किया गया।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि भविष्य में अतिक्रमण को रोकने और NGT के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कोई टीम गठित की गई है। अगर टीम बनाई गई है, तो अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई है।

इस बैठक में एडीएम अंकुर मेश्राम, नगर निगम अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सभी एडीएम और भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोविंद गोयल सहित अन्य लोग शामिल हुए।

भोपाल वक्फ की जागीर नही है

वक्फ की संपत्ति को लेकर उठने वाले विवाद पर सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। हर जगह रोडा अटकाना और लैंड जिहाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर भोपाल कलेक्टर ने सभी एसडीएम से अलग-अलग सवाल करते हुए पूछा कि, अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की?, लेकिन कोई भी जवाब नहीं दे पाया। सांसद ने कहा कि तालाब का नए सिरे से मास्टर प्लान बनाने की जरूरत है।

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अब तक कुल 751 करोड़ रुपए किए गए खर्च 

वर्ष 1995 से 2004 के बीच भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 247 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके बाद 2007 से 2012 तक संरक्षण और अन्य कार्यों के लिए करीब 150 करोड़ रुपए, वहीं, 2013 से 2018 के दौरान लेक फ्रंट डेवलपमेंट के नाम पर

216 करोड़ रुपए, साल 2019 में तालाब संरक्षण के लिए 125 करोड़ रुपए, वर्ष 2023-24 में लगभग 9 करोड़ रुपए खर्च किए गए, वर्ष 2025-26 के बजट में भोज वेटलैंड संरक्षण के लिए 4 करोड़ रुपए की राशि तय हैं।

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इस तरह अलग-अलग योजनाओं और वर्षों में किए गए खर्च को मिलाकर अब तक तालाब पर कुल 751 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च हो चुकी है।

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