Madhya Pradesh

Singrauli News: सिंगरौली में पुल निर्माण के नाम पर 33.53 लाख का कथित घोटाला, EOW ने 4 आरोपियों पर दर्ज की FIR

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Singrauli News: मध्य प्रदेश के सिंगरौली में पुल निर्माण की आड़ में सरकारी खजाने से पैसे निकालने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। यह मामला बैढ़न विकासखंड के चाचर से कुल्हनिया मार्ग पर म्यार नदी पर बने एक पुल से जुड़ा है। सरकारी अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

7.37 लाख के बिल को बढ़ाकर किया 40.91 लाख रुपये

धोखाधड़ी के जरिए 7.37 लाख रुपए के अंतिम बिल को रातों रात बढ़ाकर 40.91 लाख रुपए कर दिया गया यानी सरकारी खजाने से लगभग 33.53 लाख रुपए का गबन किया गया। इतना ही नहीं यह घोटाला यहीं नहीं रुका इससे पहले काम में देरी और नियमों के उल्लंघन के कारण एक ऑडिटर ने निर्माण कंपनी पर लगभग 16.78 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।

माप पुस्तिकाओं से हटाए गए रिकॉर्ड, पुरानी तारीखों से बनाए बिल

इस 16 लाख रुपए से ज्यादा के जुर्माने से बचने के लिए सभी नियमों को ताक पर रख दिया गया और सरकारी रिकॉर्ड से माप पुस्तिका क्रमांक 605 को पूरी तरह से हटा दिया गया। इसके अलावा माप पुस्तिका क्रमांक 606 और 734 में भारी फेरबदल और छेड़छाड़ की गई और पुरानी तारीखें डालकर फर्जी बिल तैयार किए गए। जब यह मामला रीवा की EOW के संज्ञान में आया तो जांच में इस बड़े घोटाले की पूरी सच्चाई सामने आ गई।

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तत्कालीन SDO और सब-इंजीनियर समेत चार आरोपी

सख्त रुख अपनाते हुए EOW ने चार लोगों के खिलाफ गंभीर कानूनी धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। आरोपियों में तत्कालीन SDO सुशील कुमार मिश्रा, तत्कालीन सब-इंजीनियर चंद्रशेखर तिवारी, निर्माण कंपनी M/s विजय कुमार मिश्रा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। इन पर IPC की धाराओं 409, 420, 467, 468, 471 और 120-B के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। साथ ही इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।

2018 तक पूरा होना था पुल निर्माण, कई महीनों की हुई देरी

EOW के SP के बयान के अनुसार मामले की जांच चल रही है। पुल निर्माण के ठेके की कीमत 574 लाख रुपये थी। इस परियोजना में कई महीनों की देरी हुई और अंततः सरकारी धन का गबन करने के इरादे से दस्तावेजों में हेरफेर की गई। EOW की इस कार्रवाई से PWD में हड़कंप मच गया है। EOW के SP अरविंद ठाकुर ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और इसमें शामिल ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

EOW के SP अरविंद ने बताया कि सिंगरौली जिले में म्यार नदी पर एक पुल का निर्माण किया जाना था। हालांकि इस परियोजना को 2018 तक पूरा किया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके चलते संबंधित विभाग ने 16 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इस जुर्माने से बचने और ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए माप संबंधी दस्तावेजों को हटा दिया गया और आधिकारिक माप पुस्तिका में दर्ज प्रविष्टियों के साथ छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा अंतिम बिल में भी फर्जीवाड़ा किया गया। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और फिलहाल जांच चल रही है।

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