Balaghat News: फर्जी MBBS डिग्री के सहारे 10 साल तक सरकारी नौकरी, डॉक्टर के खिलाफ FIR

Balaghat News: बालाघाट ज़िले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बिरसा तहसील कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में बच्चों की मौत को लेकर मचा हंगामा अभी शांत हो ही रहा था कि पता चला कि वहाँ काम करने वाले एक डॉक्टर के पास पूरी तरह से फर्जी डिग्री थी।
स्वास्थ्य विभाग में तब हड़कंप मच गया जब यह खुलासा हुआ कि वह डॉक्टर जिसने रीवा की एक यूनिवर्सिटी का सर्टिफ़िकेट दिखाकर 10 साल तक सरकारी नौकरी की थी असल में एक धोखेबाज़ था। स्वास्थ्य विभाग की जाँच के बाद, आरोपी डॉक्टर के ख़िलाफ़ बिरसा पुलिस स्टेशन में औपचारिक FIR दर्ज की गई है। इस घटना से इलाके में लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।
Balaghat News: स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया मामला
जाँच से पता चला कि डॉ. सुनील सिंह पिछले एक दशक से बालाघाट के बिरसा इलाके में काम कर रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास रीवा की अवधेश प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी से MBBS की डिग्री है, लेकिन यह दावा पूरी तरह से फ़र्ज़ी निकला। स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक जाँच के बाद, 9 अक्टूबर को उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने के कड़े आदेश जारी किए गए।
इसके बाद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शत्रुघ्न सिंह दहिया द्वारा मामले की पुष्टि किए जाने पर, बिरसा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा ने भी इस धोखाधड़ी की पुष्टि की है।
Balaghat News: बच्चों की मौत के मामले के बीच सामने आया खुलासा
यह धोखाधड़ी ऐसे समय में सामने आई है जब बिरसा इलाके में बीमारी के कारण 32 बच्चों की मौत पहले से ही सुर्खियों में थी। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में पहले ही एक याचिका दायर की जा चुकी है। इसके अलावा, देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और इसे स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए स्वीकार किया है।
Read Also: T20 मैच से पहले महाकाल की शरण में पहुंचे गौतम गंभीर, टीम इंडिया की जीत के लिए मांगा आशीर्वाद





