Rewa News: रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दो खंडलेखको को किया बर्खास्त, रिकवरी का आदेश जारी
हाई कोर्ट जबलपुर से फटकार के बाद रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दो कर्मचारियों को किया सेवा से बर्खास्त
Rewa News: रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं. दरअसल कुछ दिन पहले कोर्ट ने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल (Rewa collector Pratibha Pal) से जवाब तलब किया था. इसके बाद इन दोनों कर्मचारियों की वजह से कलेक्टर को जबलपुर हाई कोर्ट (Jabalpur High Court) की फटकार भी सुननी पड़ी थी.
दरअसल यह पूरा मामला सिरमौर तहसील में में पदस्थ दो खंडलेखक राजेश प्रसाद पाण्डेय और सत्येंद्र सिंह से जुड़ा हुआ है. जिन्हें तत्कालीन कलेक्टर एम गीता ने भ्रष्टाचार और धांधली के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया था, इसके बाद भी दोनों कर्मचारी वर्ष 2009 से लगातार सरकारी वेतन उठा रहे थे.
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रीवा की तत्कालीन कलेक्टर एम गीता द्वारा जारी किए गए बर्खास्तगी के आदेश के विरुद्ध दोनों खंडलेखको ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी बाद में न्यायालय ने इन दोनों खंड लेखकों को झटका देते हुए कहा कि कलेक्टर द्वारा जो आदेश जारी किया गया है वह सही है.
बर्खास्तगी आदेश के बाद भी दोनों कर्मचारी यथावत सिरमौर तहसील कार्यालय में सेवाएं दे रहे थे इस पूरे मामले को लेकर अधिवक्ता राजेश सिंह ने याचिका दायर की थी. जिसके बाद माननीय न्यायाधीश विवेक अग्रवाल हाई कोर्ट जबलपुर (Judge Vivek Aggarwal High Court Jabalpur) ने रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को 10 दिन के भीतर न्यायालय में स्वत उपस्थित होने का आदेश जारी किया था. न्यायालय ने कलेक्टर से पूछा था कि इस प्रकरण को लोकायुक्त को कार्यवाही किए जाने का प्रस्ताव क्यों ना सौंपा जाए.
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याचिका दायर होने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ जिसके बाद कलेक्टर ने दोनों कर्मचारियों को नोटिस जारी किया. नोटिस का जवाब समाधानकारक न मिलने पर दोनों कर्मचारियों को कलेक्टर ने खंडलेखक के पद से बर्खास्त कर दिया है. इसके साथ ही दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध रिकवरी के भी आदेश जारी किए गए हैं.
कर्मचारियों से होगी वसूली
सिरमौर तहसील कार्यालय में पदस्थ खंड लेखक राजेश प्रसाद पाण्डेय और सत्येंद्र सिंह को रीवा की तत्कालीन कलेक्टर एम गीता (Former Collector M Geeta) ने बर्खास्त कर दिया था. बाद में दोनों कर्मचारी न्यायालय में इस आदेश को चुनौती देने गए पर न्यायालय ने कहा कलेक्टर द्वारा जो आदेश जारी किया गया है वह सही है.
इसके बाद भी दोनों कर्मचारी वर्ष 2015 से नौकरी पर थे जो कि तत्कालीन कलेक्टर एम गीता के आदेश की अवहेलना है. अब सेवा समाप्ति के बाद अधिक भुगतान जो भी किया गया है उसकी गणना की जाएगी और दोनों कर्मचारियों से वसूली की जाएगी.
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