Hit and Run Scheme: अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत होने पर मिलेंगे 2 लाख रुपये

Hit and Run Scheme: सड़क दुर्घटना के समय यदि टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो जाए और उसकी पहचान ना हो सके ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार के लिए 2 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता की योजना बनाई गई है.
केंद्र सरकार की हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना योजना (Hit and Run Scheme) के तहत अज्ञात वाहन की टक्कर से किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके कानूनी प्रतिनिधियों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने पर पीड़ित को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है.
पहले अज्ञात वाहन से दुर्घटना में मौत होने पर 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया गया है, वहीं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के लिए सहायता राशि 12,500 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई है.
वाहन की पहचान नहीं होने पर भी मिल सकता है मुआवजा
कई बार यह देखा गया है कि सड़क हादसों में टक्कर मारने वाला वाहन मौके से भाग निकलता है इस स्थिति में परिवार के लोग काफी परेशान होते हैं और ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, कई मामलों में वाहन का नंबर या चालक की पहचान भी नहीं हो पाती, इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना योजना लागू की है.
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मुआवजे के लिए कहां और कैसे करें आवेदन?
अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर सबसे पहले पुलिस को घटना की सूचना देकर मामला दर्ज कराना चाहिए, इसके बाद पीड़ित व्यक्ति या मृतक का कानूनी प्रतिनिधि संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) अथवा निर्धारित दावा जांच अधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकता है. आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी दुर्घटना और प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करते हैं. पात्रता की पुष्टि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मुआवजे का भुगतान किया जाता है.
Hit and Run Scheme जरूरी दस्तावेज
हिट एंड रन योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए दुर्घटना से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इनमें पुलिस एफआईआर की प्रति, पीड़ित और दावाकर्ता की पहचान तथा पते के प्रमाण, बैंक खाते का विवरण और उपलब्ध चिकित्सा अभिलेख शामिल हैं. दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की आवश्यकता हो सकती है. वहीं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के मामले में मेडिकल लीगल केस (MLC) रिपोर्ट सहित संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज देने होते हैं.
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