IAS Manoj Srivastava Statement: ब्राह्मणों पर एमपी के पूर्व अपर मुख्य सचिव के बयान से खलबली
IAS Manoj Srivastava Statement: मध्य प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव आईएएस मनोज श्रीवास्तव का बयान, ब्राह्मण कोई जाति नहीं बल्कि एक वर्ण है.

IAS Manoj Srivastava Statement: मध्य प्रदेश में अधिकारियों द्वारा ब्राह्मणों पर टिप्पणी करने का दौर लगातार चल रहा है, कभी आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने विवादित बयान देकर भरे मंच से ब्राह्मणों की बेटियों की मांग की थी, तो कभी चर्चित आईएएस अधिकारी नियाज खान ने ब्राह्मणों के समर्थन में उतरकर उनके लिए आरक्षण की मांग की, लेकिन अब एक और एमपी के पूर्व अपर मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी ने ब्राह्मणों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए हैं.
मध्य प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव (IAS Manoj Srivastava) के द्वारा यह कहा गया है कि “ब्राह्मणों को जबरन जातिवाद में उलझाया जाता है”, उनके इस बयान से एक बार फिर खलबली मच गई है, राजनीतिक सामाजिक और प्रशासनिक गलियारों में इसकी जमकर चर्चा हो रही है.
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ब्राह्मणों पर IAS Manoj Srivastava ने क्या कहा.?
मध्य प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव (IAS Manoj Srivastava) ने ब्राह्मणों के पक्ष में अपना एक बयान दिया, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कहा कि “ब्राह्मणों को जबरन जातिवाद में फसाया जाता है, ब्राह्मण कोई जाति नहीं है बल्कि एक वर्ण है उन्हें बार-बार जबरन जातिवादी विचारधारा में लपेट दिया जाता है”.
यदि ब्राह्मणों को जातिवाद सुहाता तो ब्राह्मण वर्ग में भी आरक्षित वर्गों जैसी उपजातियां देखने को मिलतीं. ब्राह्मण जाति से नहीं बल्कि गोत्र से चला है, इनमें बुनियादी अंतर है. जाति एक सामाजिक व्यवस्था है, जबकि गोत्र पैतृक व्यवस्था है. जाति व्यवस्था में सजातीय विवाह को ही बढ़ावा दिया जाता है, इधर गोत्र व्यवस्था में एक ही गोत्र में विवाह की पाबंदी है, अत्रि, भारद्वाज, कश्यप, विश्वामित्र, वशिष्ठ, गौतम और जमदाग्नि जैसे गोत्र हैं, ब्राह्मणों में अलग अलग जातियां नहीं हैं बल्कि अलग-अलग भौगोलिक समूह हैं. देशस्थ, कोंकणस्थ, कान्यकुब्ज, सरयूपारीण, गौड़, कश्मीरी, सारस्वत, मैथिल, उत्कल, द्रविड़ -एक ही वर्ण के स्थानिक समूह हैं, इन समूहों के बीच ऐसी दीवार नहीं है जो दो अलग-अलग जातियों के बीच पाई जाती है, महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें जाति व्यवस्था में पाया जानेवाला ऊंच-नीच या पदानुक्रम (Hierarchy) नहीं होता है। – पूर्व अपर मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव






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