Madhya Pradesh

Uttarakhand Governor: उत्तराखंड के राज्यपाल बने Dhal Singh Bisen , जानिए उनका राजनीतिक सफर

WhatsApp Group Join Now

Uttarakhand Governor: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से आने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन (Dhal Singh Bisen) को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई है, जिनमें डॉ. बिसेन का नाम भी शामिल है।

राज्यपाल बनाए जाने की खबर मिलते ही सिवनी स्थित उनके आवास पर बीजेपी नेताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। समर्थकों ने उन्हें बधाई दी। डॉ. बिसेन मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे 4 बार विधायक रहने के साथ प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं।

ALSO READ: MP Voter List Update: मध्य प्रदेश में 4.06 लाख आवेदन, युवाओं के 1.92 लाख फॉर्म

सिवनी के किसान परिवार में हुआ था जन्म

डॉ. ढाल सिंह बिसेन (Dhal Singh Bisen) का जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र के पिपरिया गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सेवकराम बिसेन और माता का नाम स्वर्गीय सोनाबाई बिसेन था। कृषि से जुड़े परिवार में जन्मे डॉ. बिसेन का बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता।

उन्होंने सिवनी से बीएससी की पढ़ाई की। इसके बाद रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज से चिकित्सा संबंधी शिक्षा प्राप्त की। लोकसभा के आधिकारिक जीवन परिचय में उनकी व्यावसायिक योग्यताओं के रूप में ए.वी.एम.एस. और डी.एच.बी. का उल्लेख मिलता है। राजनीति में आने से पहले और उसके बाद भी उनका जुड़ाव खेती और चिकित्सा संबंधी कार्यों से रहा। डॉ. बिसेन का विवाह 20 मई 1975 को भानुमती बिसेन से हुआ था। उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

लगातार 4 बार चुनाव जीते Dhal Singh Bisen

डॉ. ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर कई दशकों पुराना है। उन्होंने वर्ष 1990 में बरघाट विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर मध्य प्रदेश विधानसभा में कदम रखा। इसके बाद 1993, 1998 और 2003 के विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट से जीत दर्ज की।

इस तरह वे लगातार चार बार बरघाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने में सफल रहे। इस दौरान उन्हें मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करने का अवसर भी मिला। हालांकि विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद उनकी चुनावी राह आसान नहीं रही। वर्ष 2008 और 2013 में उन्होंने केवलारी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार का सामना करना पड़ा।

ALSO READ: Gwalior Rape Case: ग्वालियर में प्राइवेट ट्यूटर पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, प्राइवेट ट्यूटर गिरफ्तार

कांग्रेस प्रत्याशी को 2.40 लाख वोटों से हराया

विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद डॉ. बिसेन ने वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा। भाजपा ने उन्हें बालाघाट संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मधु भगत को 2 लाख 40 हजार 265 मतों के अंतर से पराजित किया।

चुनाव में डॉ. ढाल सिंह बिसेन को 6 लाख 92 हजार 859 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार मधु भगत को 4 लाख 52 हजार 594 मत प्राप्त हुए थे। इस जीत के साथ वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। विधानसभा से लेकर लोकसभा तक का राजनीतिक सफर तय कर चुके डॉ. बिसेन अब राज्यपाल की नई संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।

जरूर पढिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker!